Radha Rani Mandir Barsana : बरसाना श्री राधा रानी मंदिर, हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है। जो उत्तरप्रदेश राज्य के मथुरा शहर से लगभग 43 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बरसाना नाम अपने आप में ही अद्भूत एवं अलौकिक है, जिसका अर्थ होता है “वैसी जगह जहाँ श्री राधा रानी की कृपा हमेशा बनी रहती है”। पौराणिक कथाओं के अनुसार बरसाना ही वो जगह है, जहाँ श्री राधा रानी जी का जन्म हुआ था। यहीं पर राधा रानी अपनी सखियों के बीच पली-बढ़ीं। भगवान श्री कृष्ण अपनी प्रिय श्री राधा से मिलने के लिए बरसाना आते थे। यहाँ का मुख्य आर्कर्षण केंद्र श्री राधा रानी मंदिर है, जिसे लाडली लाल मंदिर या श्रीजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। “लाडली लाल जी या श्री जी का अर्थ होता है प्रिय राधा”।
यह मंदिर बरसाना के बीचो-बीच स्थित भानुगढ़ पहाड़ी के ऊपर स्थित है, जो भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी जी के शाश्वत प्रेम का जीता-जागता उदहारण है। बरसाना 84 कोस (लगभग 252 किलोमीटर) की ब्रज यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ हर साल बड़ी धूमधाम से राधा अष्टमी, होली और अन्य प्रमुख त्यौहार मनाए जाते हैं। बरसाना की ‘लठमार होली’ बहुत ही फेमस है, जिसमें महिलाएँ पुरुषों को लठ से मारती हैं। इसे देखने एवं इसका आनंद लेने के लिए लाखो भक्त देश-विदेश से यहाँ आते है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बरसाना के इतिहास, इसके आस-पास के फेमस स्थान, मंदिर दर्शन का समय, यहाँ कैसे पहुंचे एवं यात्रा से जुड़ी समस्त जानकारी देने जा रहे है। तो चलिए शुरू करते है बरसाना की पवित्र यात्रा।
Table of Contents
- 1 राधा रानी मंदिर, बरसाना का इतिहास (History of Radha Rani Mandir Barsana)
- 2 राधा रानी मंदिर, बरसाना की वास्तुकला (Architecture of Radha Rani Mandir Barsana)
- 3 राधा रानी मंदिर, बरसाना समय और प्रवेश शुल्क (Timing and Entry fee of Radha Rani Mandir Barsana)
- 4 बरसाना में घूमने की जगह (Barsana me ghumne ki jagah)
- 5 बरसाना के मुख्य त्यौहार
- 6 श्री राधा रानी मंदिर, बरसाना कैसे पहुंचे? How to reach Shri Radha Rani Mandir Barsana?
- 7 बरसाना में कहाँ ठहरे (Where to stay in Barsana)
- 8 बरसाना के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राधा रानी मंदिर, बरसाना का इतिहास (History of Radha Rani Mandir Barsana)
किंवदंतियों के अनुसार श्री राधा रानी जी मंदिर का निर्माण मूल रूप से लगभग 5000 वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण के परपोते राजा वज्र्भाव के द्वारा करवाया गया था। 1675 ईस्वी में इस मंदिर का पुनर्निर्माण राजा वीर सिंह ने करवाया था। वर्तमान में स्थित मंदिर की पुनर्संरचना चैतन्य महाप्रभु के शिष्य नारायण भट्ट ने करवाया था। 250 मीटर ऊँचे पहाड़ पर स्थित यह मंदिर लाल और पीले पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचे के लिए लगभग 200 सीढियों की चढाई करनी पड़ती है। हिन्दू ग्रंथो के अनुसार
राधा रानी मंदिर, बरसाना की वास्तुकला (Architecture of Radha Rani Mandir Barsana)
श्री राधा रानी मंदिर की वास्तुकला मुगल और राजस्थानी शैलियों का मिश्रण है, जिसमें जटिल जालीदार काम, गुंबददार छत और उत्तम संगमरमर की नक्काशी की गई है। इस मंदिर के प्रांगन में कई कई छोटे मंदिर भी हैं, जो अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित हैं। मंदिर का केंद्रीय गर्भगृह श्री राधा रानी जी को समर्पित है। राधारानी मंदिर में अलौकिक प्रेम की अनुभूति प्राप्त होती है, जो आपको राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम से जोड़ता है। इसका शांत वातावरण इसे आध्यात्मिक चिंतन और भक्ति के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।
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राधा रानी मंदिर, बरसाना समय और प्रवेश शुल्क (Timing and Entry fee of Radha Rani Mandir Barsana)
राधा रानी मंदिर में आने वाले भक्तो से कोई प्रवेश शुल्क नही लिया जाता है यानि आपको मंदिर में दर्शन करने के लिए कोई पैसे नही देने होते है। गर्मी के मौसम में भक्त जन सुबह के 5.00 बजे से दोपहर के 2.00 बजे तक और संध्या 5.00 बजे से रात्रि के 9.00 बजे तक दर्शन कर सकते है । जबकि सर्दियों में सुबह के 5.30 से 2.00 बजे और संध्या 5.00 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक दर्शन कर सकते है।
ग्रीष्मकाल | शीतकाल | ||
मंगला आरती प्रातःकाल | 5:00 प्रातः | मंगला आरती प्रातःकाल | 6:00 प्रातः |
श्रृंगार आरती प्रातःकाल | 7:30 प्रातः | श्रृंगार आरती प्रातःकाल | 8:30 प्रातः |
राज भोग दोपहर | 01:30 दोपहर | राज भोग दोपहर | 01:00 दोपहर |
उत्थापन दोपहर | 4:30 दोपहर | उत्थापन दोपहर | 4:30 दोपहर |
संध्याकाल आरती | 7:30 संध्या | संध्याकाल आरती | 6:00 संध्या |
श्यान आरती रात्रि | 9:00 संध्या | श्यान आरती रात्रि | 8:00 संध्या |
बरसाना में घूमने की जगह (Barsana me ghumne ki jagah)
बरसाना भगवान श्री कृष्ण और श्री राधा रानी जी प्रेम स्थली है। यहाँ के कण-कण में इनके प्रेम प्रसंग के भाव महसूस किये जा सकते है। वैसे तो यहाँ कई सारे जगहे है घूमने के लिए है, जिनमें से प्रमुख है :
1. राधा रानी मंदिर

राधा रानी मंदिर, बरसना की सबसे प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे जिसे लाडली लाल मंदिर या श्रीजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भानुगढ़ की पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर श्री राधा रानी जो को समर्पित है 84 कोस की ब्रज यात्रा इसके दर्शन के बिना अधूरी है। मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुँचने के लिए लगभग 250 सीढ़ियों की चढाई करनी परती है हालाँकि अब मंदिर तक पहुँचने के लिए रोपवे की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है।
2. कीर्ति मंदिर

कीर्ति मंदिर बरसाना के प्रसिद्ध जगहों में से एक है, जो श्री राधा रानी जी के मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का नाम श्री राधा रानी जी की माँ कीर्ति देवी के नाम पर किया गया है। यह मंदिर पूरे विश्व में ऐसा एकलौता मंदिर है, जिसमें श्री राधा रानी अपनी माँ के गोद में है। इस मंदिर के निर्माण की आधारशिला श्री जगत कृपालु जी महाराज के द्वारा रखा गया था। जिसे उनकी मृत्यु के उपरांत उनकी पुत्रियों ने पूरा करवाया। इस मंदिर के आकर्षण का केंद्र बिन्दु श्री कृष्ण द्वारा राधा रानी को झूला झूलाते हुए बनाई गई मूर्ती है।
3. दान बिहारी मंदिर (Daan Bihari Mandir)

दान मंदिर बरसाना के प्रसिद्ध स्थलों में से एक है। दान बिहारी मंदिर दो शब्दों के मेल से बना है, दान जिसका अर्थ होता है दान करना या सहायता करना और बिहारी जिसका प्रयोग श्री कृष्ण को संबोधित करने के लिए किया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार एक गरीब व्यक्ति अपनी बेटी के शादी के लिए जरुरत के सामान की व्यवस्था करने में असमर्थ हो गया था। तब उसने श्री कृष्ण को याद किया और उन्होंने राधा रानी जी के वजन के बराबर सोने का सामान उसे दान किया था यही कारण है कि इस मंदिर का नाम दान बिहारी मंदिर रखा गया है।
4. मान मंदिर (Maan Temple)

मान मंदिर बरसाना गुफा के अंदर बना हुआ बेहद खूबसूरत मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि जब राधा रानी श्री कृष्ण से नाराज हो कर इसी स्थान पर आ जाती थी और श्री कृष्ण उन्हें मानाने के लिए तरह-तरह के मान मनौवल करते थे । इसी कारण इस मंदिर को मान मंदिर के नाम से जाना जाता है क्योंकि भगवान श्री कृष्ण ने यही पर राधा रानी को खुश करने के लिए उन्हें मनाया था।
5. राधा कुशलबिहारी मंदिर (Radha Khushal Bihari Mandir)

श्री राधा रानी मंदिर के पास स्थित श्री राधा कुशल बिहारी मंदिर का निर्माण जयपुर के महाराजा श्री माधो सिंह राव ने करवाया था राजस्थानी शैली में बनी यह मंदिर ब्रम्हांचल पहाड़ी के दानगढ़ चोटी पर स्थित है ऐसी मान्यता है कि यहीं पर श्री राधा रानी अपनी सखिओं के साथ आराम किया करती थी।
6. रंगीली महल (Rangeeli Mahal)

कीर्ति मंदिर के पास स्थित रंगीली महल की स्थापना 1996 में जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज ने करवाया था। यह महल अपनी सुंदरता और वास्तुकला के लिए फेमस है। इस मदिर में राधा कृष्ण के प्रेम प्रसंग से जुड़े लीलाओं का बड़े ही खूबसूरती से चित्रण किया गया है।
7. गह्वर वन (Gahwar Van)

गह्वर वन राधा-कृष्ण के भक्तों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण स्थल है ऐसी मान्यता है कि इसी स्थान पर श्री कृष्ण जी राधा रानी का श्रृंगार करते थे और उनके संग नृत्य किया करते थे। इस वन में कई गुफाएँ और छोटे-मोटे जंगल हैं, जहाँ प्राचीन काल में साधु संतों ध्यान और तपस्या किया करते थे। इस वन के पास में ही पवित्र राधा सरोवर भी है, जहाँ राधा जी स्नान किया करती थी।
बरसाना के मुख्य त्यौहार
1. होली (Holi)
बरसाना का सबसे फेमस त्यौहार होली है, यहाँ की रंगीली होली यानि लट्ठमार होली विश्व प्रसिद्ध है जिससे देखने और इसका आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश से आते है ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण राधा रानी के साथ होली खेलने जब बरसाना आते थे तो उनकी सखियाँ श्री कृष्ण का स्वागत लाठियों से करती थी और उन्हें बरसाना की सीमा से बाहर कर देती थी यही से लट्ठ मार होली का आगाज हुआ जो आज भी बड़े प्रेम-भाव से मनाया जाता है आमतौर पर होली से लगभग एक सप्ताह पहले ही लट्ठमार होली कि शुरुआत हो जाती है
सोर्स : youTube
2. कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami)
भगवान श्री कृष्ण जी के जन्मदिवस को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है बरसाना में भी बड़े ही धूमधाम से यह मनाई जाती है इस दिन मंदिरों में श्री कृष्ण जी की विशेष आरती की जाती है और भक्त जन प्रभु की याद में रासलीला भी करते है जो बहुत ही मनमोहक होता है
3. राधाष्टमी (Radha Ashtami)
श्री राधा रानी जी के जन्मदिवस को राधाष्टमी के रूप में मनाया जाता है इस दिन राधा जी भक्त मंदिरों को फूलों से सजाते है और विशेष पूजा-अर्चना करते है राधाष्टमी के दिन ही भक्त जन राधा रानी के पैर को देख सकते है जबकि बाकी दिनों में यह हमेशा फूलों से ढका रहता है
श्री राधा रानी मंदिर, बरसाना कैसे पहुंचे? How to reach Shri Radha Rani Mandir Barsana?
सड़क मार्ग (By Road)
बरसाना तक पहुँचने के लिए यदि आप सड़क मार्ग का चुनाव कर रहे है, तो देश के विभिन्न भागो से अंतराज्यीय बस सेवा उपलब्ध है। सरकारी बस के अलावे कई सारी प्राइवेट बस ऑपरेटर की सेवा भी यहाँ पहुँचने के लिए उपलब्ध है। इसके अलावे आप दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ जैसे शहरों से टैक्सी या कैब के से भी बरसाना जा सकते है।
रेल मार्ग (BY Train)
बरसाना से निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा है जहाँ से देश के लगभग सभी बड़ो शहरों से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। मथुरा से बरसाना कि दूरी लगभग 25 किलोमीटर जो आसानी से सड़क मार्ग द्वारा पूरी की जा सकती है। मथुरा रेलवे स्टेशन से बरसाना के लिए 24 X 7 आपको लोकल बस, टैक्सी और कैब की सुविधा उपलब्ध है। आप अपने सुविधा के अनुसार इनमे से किसी का भी चयन कर सकते है।
वायु मार्ग (By Air)
बरसाना से निकटतम हवाई अड्डा आगरा में स्थित है जो बरसाना से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ से आपको बरसाना के लिए बस, टैक्सी और कैब मिल जाएंगे आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार इनमे से किसी का भी चुनवा कर सकते है।
बरसाना में कहाँ ठहरे (Where to stay in Barsana)
बरसना में ठहरने के लिए बहुत सारे होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला available है। आप अपने बजट के हिसाब से इनमें ठहर सकते है कुछ फेमस गेस्ट हाउस किस सूची यह दी जा रही जिनमे आप अपने बजट में ठहर सकते है।
- माता माता रितांबरी आश्रम
- श्री गोविंद धाम आश्रम
- श्री बालाजी आश्रम
- धातरिया धर्मशाला
- श्री राधा माधव सेवा ट्रस्ट
- श्री राधिका गेस्ट हाउस
- श्री धाम प्रिया कुन्ज श्री जी अतिथि गृह
बरसाना के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बरसाना घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
बरसाना घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से दिसम्बर और मार्च से अप्रैल है। इस समय यहाँ का मौसम बहुत ही सुहावना और आरामदायक होता है।
2. बरसाना की रानी कौन है?
श्री राधा रानी जी को बरसाना की रानी के रूप में जाना जाता है।
3. बरसाना घूमने के लिए कितना समय चाहिए?
बरसाना घूमने के लिए एक दिन का समय पर्याप्त है।
4. बरसाना की मुख्य चोटियाँ कौन सी है?
भानगढ़, मानगढ़, दानगढ़ और विलासगढ़ बरसाना की चार मुख्य चोटियाँ है।
अंत में,
आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बरसाना से जुड़ी सभी रोचक तथ्यों की जानकारी देने की कोशिश की है। हमे उम्मीद है कि आपको यहाँ दी गई जानकारी पसंद आएगी। बरसाना के बारे यदि आप कुछ जानना चाहते है या कोई सुझाव देना चाहते है तो प्लीज कमेंट करें।

हैलो दोस्तों, मैं नवेदिता कुमारी हिंदी ब्लॉग “Nibis web Travel” की author हूँ | मेरे इस ब्लॉग पर आपको Indian Destination जैसे Holy Pilgrims, Hill Station, Honeymoon Destination, Wedding Destination etc., International Destination, Adventure, Travel Tips etc. की पूरी और सही जानकारी मिलेगी जिससे अक्सर आप google में सर्च करते है |